जमीन खरीदने से पहले ये 5 बातें जरूर जांचें, नहीं तो बाद में हो सकता है बड़ा नुकसान!
आज के समय में जमीन खरीदना एक बड़ा निवेश माना जाता है। कई लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर प्लॉट, खेत या घर बनाने के लिए जमीन खरीदते हैं। लेकिन जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण कई लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। बाद में पता चलता है कि जमीन विवादित है, किसी और के नाम पर है या उस पर कानूनी समस्या चल रही है।

अगर आप भी जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो पैसे देने से पहले ये 5 जरूरी बातें जरूर जांच लें। थोड़ी सी सावधानी आपको लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।
1. जमीन के मालिक की पूरी जानकारी जांचें
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि जमीन बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में उसी जमीन का असली मालिक है या नहीं।इसके लिए जमीन के दस्तावेज जैसे रजिस्ट्री, खाता-खेसरा, जमाबंदी और आधार कार्ड आदि की जांच करें। दस्तावेजों में दर्ज नाम और जमीन बेचने वाले व्यक्ति का नाम एक जैसा होना चाहिए।अगर जमीन किसी परिवार की साझा संपत्ति है, तो सभी हिस्सेदारों की सहमति लेना भी जरूरी है। कई बार एक व्यक्ति पूरी जमीन बेच देता है और बाद में अन्य सदस्य विवाद खड़ा कर देते हैं।
क्या करें?
मालिक का पहचान पत्र देखें।
पुरानी रजिस्ट्री की कॉपी जांचें।
जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति का दावा तो नहीं है, इसकी जानकारी लें।
2. जमीन का खाता-खेसरा और जमाबंदी जरूर देखें
कई लोग केवल रजिस्ट्री देखकर जमीन खरीद लेते हैं, जबकि असली स्थिति राजस्व रिकॉर्ड में पता चलती है।
खाता-खेसरा और जमाबंदी से यह पता चलता है कि जमीन किसके नाम पर दर्ज है और उस पर कोई सरकारी रोक या विवाद तो नहीं है।
आज अधिकांश राज्यों में यह जानकारी ऑनलाइन भी उपलब्ध है।
जांच के फायदे
असली मालिक का पता चलता है।
जमीन सरकारी रिकॉर्ड में सही दर्ज है या नहीं, यह पता चलता है।
भविष्य में कानूनी परेशानी से बचाव होता है।
3. जमीन पर कोई केस या विवाद तो नहीं चल रहा?
यह सबसे महत्वपूर्ण जांचों में से एक है।
कई बार जमीन पर कोर्ट केस चल रहा होता है, लेकिन खरीदार को इसकी जानकारी नहीं दी जाती। बाद में सालों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
पड़ोसियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से जमीन के बारे में जानकारी लें। गांव में लोग अक्सर जमीन का पूरा इतिहास जानते हैं।
ध्यान रखें
जमीन पर कब्जे का विवाद तो नहीं है।
कोर्ट में मुकदमा तो नहीं चल रहा।
जमीन पर कोई पारिवारिक झगड़ा तो नहीं है।
4. जमीन तक रास्ता और वास्तविक सीमा जरूर देखें
कागज पर सब कुछ सही हो सकता है, लेकिन जमीन पर पहुंचने के बाद असली स्थिति पता चलती है।
कई बार जमीन तक जाने का रास्ता नहीं होता या पड़ोसी रास्ता देने से मना कर देते हैं। ऐसी स्थिति में जमीन खरीदने के बाद भी उसका उपयोग करना मुश्किल हो जाता है।
इसी तरह जमीन की वास्तविक सीमा (Boundary) भी देखना जरूरी है।
क्या जांचें?
जमीन तक आने-जाने का रास्ता है या नहीं।
चारों तरफ की सीमा सही है या नहीं।
जमीन का क्षेत्रफल दस्तावेज से मेल खाता है या नहीं।
अगर संभव हो तो अमीन (Surveyor) से नापी करवाकर जांच कर लें।
5. जमीन पर कोई लोन या सरकारी बकाया तो नहीं?
कई बार जमीन मालिक बैंक से लोन लेकर जमीन को गिरवी रख देता है। ऐसे मामलों में जमीन खरीदने के बाद खरीदार को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
इसी तरह कुछ जमीनों पर सरकारी बकाया, टैक्स या अन्य देनदारियां भी हो सकती हैं।
खरीदने से पहले
बैंक से NOC की जानकारी लें।
भूमि कर (लगान) जमा है या नहीं, जांचें।
जमीन किसी बैंक या संस्था के पास गिरवी तो नहीं है।
जमीन खरीदते समय एक अतिरिक्त सलाह
गांव हो या शहर, जमीन खरीदने से पहले किसी अनुभवी वकील या जमीन के जानकार व्यक्ति से दस्तावेज जरूर जांचवा लें। कुछ हजार रुपये की फीस देकर आप लाखों रुपये के नुकसान से बच सकते हैं।
जमीन खरीदना जीवन का बड़ा फैसला होता है। इसलिए जल्दबाजी बिल्कुल न करें। हर दस्तावेज को ध्यान से पढ़ें, रिकॉर्ड जांचें और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही भुगतान करें। धन्यवाद-



