ऑनलाइन ठगी का पैसा वापस मिलेगा! गृह मंत्रालय ने शुरू किया नया MRM Portal, जानिए पूरी प्रक्रिया

आज के समय में लगभग हर व्यक्ति मोबाइल, UPI, नेट बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहा है। डिजिटल सुविधाएं जितनी तेजी से बढ़ी हैं, उतनी ही तेजी से साइबर ठगी के मामले भी बढ़े हैं। कई लोगों के बैंक खाते से कुछ ही मिनटों में हजारों या लाखों रुपये गायब हो जाते हैं।

साइबर ठगी से परेशान व्यक्ति, पीछे हुडी पहने हैकर, लैपटॉप पर डिजिटल सिक्योरिटी लॉक, मोबाइल पर फ्रॉड अलर्ट और सामने रखे रुपये। ऑनलाइन फ्रॉड के बाद पैसा वापस मिलने की प्रक्रिया को दर्शाती एक सस्पेंसफुल साइबर क्राइम थीम वाली इमेज।
साइबर ठगी के बाद पैसा वापस कैसे मिलेगा? जानिए पूरी प्रक्रिया।

ऐसे में भारत सरकार ने साइबर ठगी के शिकार लोगों को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने MRM (Money Restoration Module) Portal शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए साइबर ठगी का शिकार व्यक्ति घर बैठे अपने पैसे की वापसी के लिए आवेदन कर सकता है।
आइए आसान भाषा में पूरी जानकारी समझते हैं।

MRM Portal क्या है?

MRM यानी Money Restoration Module एक सरकारी पोर्टल है, जिसे साइबर ठगी के पीड़ितों की मदद के लिए शुरू किया गया है।

यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है और समय रहते शिकायत दर्ज कर दी जाती है, तो ठग के बैंक खाते में पहुंची रकम को फ्रीज किया जा सकता है। इसके बाद पीड़ित व्यक्ति MRM Portal के माध्यम से अपने पैसे की वापसी का अनुरोध कर सकता है।

किन मामलों में मिलेगा फायदा?

यदि आपके साथ निम्न प्रकार की साइबर ठगी हुई है तो आप इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं—

– UPI Fraud
– OTP Fraud
– Digital Arrest Scam
– Fake Loan Scam
– KYC Update Scam
– Online Shopping Fraud
– Investment Scam
– Social Media Fraud
– Bank Account Hacking

सबसे पहले क्या करें?

यदि आपके साथ साइबर ठगी हो जाए तो समय बर्बाद बिल्कुल न करें।
पहला कदम
तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
या फिर
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा फ्रीज होने की संभावना उतनी अधिक होगी।

पैसा वापस मिलने की प्रक्रिया कैसे काम करती है?

1. पीड़ित व्यक्ति 1930 पर शिकायत करता है।
2. शिकायत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचती है।
3. जांच के बाद ठग के खाते में मौजूद रकम को फ्रीज किया जाता है।
4. शिकायतकर्ता को एक 14 अंकों का Complaint ID नंबर मिलता है।
5. इसके बाद MRM Portal पर जाकर Refund Request दर्ज करनी होती है।
6. जांच पूरी होने के बाद पात्रता मिलने पर पैसा वापस किया जाता है।

MRM Portal पर आवेदन करने के लिए क्या-क्या चाहिए?

आवेदन करने से पहले ये दस्तावेज तैयार रखें-

– 14 अंकों का Complaint ID
– पंजीकृत मोबाइल नंबर
– पैन कार्ड की कॉपी
– बैंक खाते की जानकारी
– IFSC Code

MRM Portal पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

MRM PORTAL OFFICIAL LINK: https://share.google/wzeg6rhDjsxwie76W

Step 1

MRM Portal खोलें।

Step 2

Citizen Login विकल्प पर क्लिक करें।

Step 3

अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें।

Step 4

मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके लॉगिन करें।

Step 5

Raise Refund Request विकल्प चुनें।

Step 6

14 अंकों वाली Complaint ID दर्ज करें।

Step 7

पैन कार्ड की कॉपी अपलोड करें।

Step 8

अपना बैंक खाता नंबर और IFSC Code भरें।

Step 9

सभी जानकारी जांचकर Final Submit कर दें।
बस आपका आवेदन पूरा हो जाएगा।
पैसा वापस मिलने में कितना समय लग सकता है?
समय मामले की जांच और बैंकिंग प्रक्रिया पर निर्भर करता है। यदि संबंधित रकम समय रहते फ्रीज हो गई है और सभी दस्तावेज सही हैं, तो धन वापसी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

– ठगी होते ही तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
– शिकायत में देरी होने पर पैसा निकाल लिया जा सकता है।
– Complaint ID सुरक्षित रखें।
– गलत दस्तावेज अपलोड न करें।
– केवल सरकारी पोर्टल का ही उपयोग करें।
– किसी एजेंट को पैसे देकर आवेदन कराने की जरूरत नहीं है।

आम लोगों के लिए बड़ी राहत
पहले साइबर ठगी का शिकार होने के बाद लोगों को समझ नहीं आता था कि पैसा वापस कैसे मिलेगा। अब सरकार ने पूरी प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। यदि समय पर शिकायत दर्ज की जाए और ठग के खाते में रकम फ्रीज हो जाए तो पैसा वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साइबर ठगी के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण चीज है समय। जैसे ही आपको ठगी का पता चले, तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें। इसके बाद MRM Portal के माध्यम से Refund Request दर्ज करें। सरकार की यह नई व्यवस्था साइबर अपराध के पीड़ितों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

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