आपके पंचायत में कितना फंड आया और कितना काम बाकी है? घर बैठे ऐसे करें पता

गांव के विकास के लिए सरकार हर साल पंचायतों को लाखों रुपये का फंड देती है। इसी पैसे से सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि आखिर हमारी पंचायत में कितना पैसा आया और उसका कितना उपयोग हुआ?
अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो अब इसकी जानकारी प्राप्त करना पहले से काफी आसान हो गया है। थोड़ी सी जानकारी के साथ आप घर बैठे अपनी पंचायत के विकास कार्यों और खर्च किए गए पैसे का हिसाब देख सकते हैं।
पंचायत का फंड जानना क्यों जरूरी है?
पंचायत का पैसा जनता के विकास के लिए होता है। इसलिए हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि उसके गांव के लिए कितना बजट आया और उसका उपयोग कहां किया गया।
जब लोग जागरूक रहते हैं, तो विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है और गड़बड़ियों की संभावना कम हो जाती है।
ऑनलाइन कैसे देखें पंचायत का फंड?
सरकार ने पंचायतों की वित्तीय जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई है।
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वेबसाइट खोलें।
और 3 लाइन मेनू पर टैप करे। और अपने पंचयात का नाम सर्च करे।
पंचायत में स्वीकृत विकास कार्य
प्रत्येक कार्य का बजट
कितना पैसा खर्च हुआ
कौन-कौन से कार्य पूरे हो चुके हैं
कौन से कार्य अभी चल रहे हैं
कौन से कार्य लंबित हैं
मनरेगा के कार्य भी देख सकते हैं
यदि आपके गांव में मनरेगा के तहत सड़क, तालाब, नाली या अन्य निर्माण कार्य हुए हैं, तो उनकी जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध होती है।
मनरेगा रिपोर्ट के लिए: https://nrega.dord.gov.in/MGNREGA_new/Nrega_home.aspx
यहां आप देख सकते हैं कि किस कार्य पर कितना खर्च हुआ और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है।
जानकारी न मिले तो क्या करें?
कई बार ऑनलाइन जानकारी पूरी नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में आप पंचायत सचिव, मुखिया या प्रखंड कार्यालय से जानकारी मांग सकते हैं।
अगर फिर भी जानकारी नहीं दी जाती है, तो सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन देकर आधिकारिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
ग्राम सभा में जरूर जाएं
ग्राम सभा की बैठकों में पंचायत के विकास कार्यों और खर्चों का विवरण रखा जाता है। यहां आप सीधे सवाल पूछ सकते हैं और गांव के विकास से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
पंचायत का पैसा जनता का पैसा होता है। इसलिए हर नागरिक को यह जानना चाहिए कि उसके गांव के विकास के लिए कितना फंड आया और उसका उपयोग कैसे किया गया। आज डिजिटल व्यवस्था के कारण यह जानकारी पहले से कहीं अधिक आसानी से उपलब्ध है।
यदि गांव का हर नागरिक जागरूक हो जाए, तो विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
अब आप बताइए, क्या आपने कभी अपनी पंचायत के विकास कार्यों और फंड की जानकारी जांची है? अगर नहीं, तो क्या आप आगे से इसे नियमित रूप से देखना चाहेंगे?